अकादमिक सत्र 2026-27
NCERT कक्षा 11 तबला एवं पखावज PDF (गायन एवं वादन)
NCERT कक्षा 11 'तबला एवं पखावज' अवनद्ध वाद्यों के इतिहास, निर्माण और वादन शैली को समझने के लिए सबसे प्रामाणिक पुस्तक है। यह सत्र 2026-27 के लिए पूर्णतः अपडेटेड संस्करण है, जो संगीत के सैद्धांतिक पक्ष को मजबूत बनाता है।
अध्याय-वार तबला एवं पखावज PDF डाउनलोड
| अध्याय | विषय और डाउनलोड लिंक |
|---|---|
| अध्याय 1 | भारतीय संगीत का सामान्य परिचय |
| अध्याय 2 | कैसे दिखते हैं तबला एवं पखावज वाद्य? (संरचना) |
| अध्याय 3 | तबला एवं पखावज पर बजने वाले वर्ण एवं बोल |
| अध्याय 4 | तबला एवं पखावज वाद्यों की उत्पत्ति एवं विकास |
| अध्याय 5 | ताल-लिपि पद्धति एवं विभिन्न ठेके |
| अध्याय 6 | पारिभाषिक शब्द |
| अध्याय 7 | भारतीय संगीत में वाद्य वर्गीकरण |
| अध्याय 8 | तबला एवं पखावज वाद्यों के घरानों का वर्णन |
पुस्तक की मुख्य विशेषताएं
- अंग-वर्णन: तबला और पखावज के विभिन्न हिस्सों (पुड़ी, गजरा, चाटी आदि) का सचित्र वर्णन।
- घराना परंपरा: दिल्ली, अजराड़ा, लखनऊ, फर्रुखाबाद, बनारस और पंजाब घरानों की विशिष्टताओं का विश्लेषण।
- ताल लिपि: विष्णु दिगंबर पलुस्कर और भातखंडे स्वरलिपि पद्धतियों के माध्यम से ताल लिखने का अभ्यास।
- वाद्य वर्गीकरण: प्राचीन ग्रंथों के आधार पर वाद्यों के चार प्रकारों (तत, अवनद्ध, सुषिर, घन) की जानकारी।
सुझाव: वादन अभ्यास के साथ-साथ 'वर्ण' और 'निकास' (अध्याय 3) को समझना बहुत महत्वपूर्ण है, ताकि हाथ की स्थिति शुद्ध बनी रहे।
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