NCERT कक्षा 9 हिंदी 'गंगा' PDF
गंगा (Ganga) शैक्षणिक सत्र 2026-27 से लागू कक्षा 9 हिंदी की नई एकीकृत पाठ्यपुस्तक है। राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा (NCF-SE 2023) और राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) के अनुरूप तैयार की गई इस पुस्तक में ज्ञानवर्धक गद्य रचनाएँ और उत्कृष्ट कविताएँ संकलित हैं। यह नई पुस्तक विद्यार्थियों में संवेदनशीलता, मानवीय मूल्य और उत्कृष्ट भाषाई समझ विकसित करने में सहायक है।
अध्याय-वार गंगा (Hindi) PDF डाउनलोड (2026-27)
| क्रम संख्या | अध्याय का नाम और डाउनलोड लिंक |
|---|---|
| गद्य-खंड (Prose Section) | |
| अध्याय 1 | दो बैलों की कथा - प्रेमचंद |
| अध्याय 2 | क्या लिखूँ? - पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी |
| अध्याय 3 | संवादहीन - शेखर जोशी |
| अध्याय 4 | ऐसी भी बातें होती हैं (लता मंगेशकर से साक्षात्कार) - यतींद्र मिश्र |
| अध्याय 5 | आखिरी चट्टान तक - मोहन राकेश |
| अध्याय 6 | रीढ़ की हड्डी - जगदीश चंद्र माथुर |
| अध्याय 7 | मैं और मेरा देश - कन्हैयालाल मिश्र 'प्रभाकर' |
| काव्य-खंड (Poetry Section) | |
| अध्याय 8 | पद - रैदास |
| अध्याय 9 | राम-लक्ष्मण-परशुराम संवाद - तुलसीदास |
| अध्याय 10 | भारती, जय, - विजयकरे ! - सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला' |
| अध्याय 11 | झाँसी की रानी - सुभद्रा कुमारी चौहान |
| अध्याय 12 | घर की याद - भवानी प्रसाद मिश्र |
हिंदी 'गंगा' पाठ्यपुस्तक के अध्ययन के लाभ
नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत बनाई गई यह पुस्तक न केवल शैक्षणिक विकास बल्कि व्यक्तित्व निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है:
व्यावहारिक और प्रासंगिक सामग्री
इसमें शास्त्रीय रचनाओं के साथ-साथ समकालीन साक्षात्कार (जैसे लता मंगेशकर का साक्षात्कार) शामिल हैं, जो भाषा को अधिक रोचक और समसामयिक बनाते हैं।
एकीकृत और सुव्यवस्थित पाठ्यक्रम
गद्यांशों और काव्यांशों का यह नया संयोजन विद्यार्थियों पर से अतिरिक्त किताबों (क्षितिज व कृतिका) का बोझ कम कर एक ही स्थान पर गुणवत्तापूर्ण सामग्री प्रदान करता है।
सृजनात्मकता का विकास
'क्या लिखूँ?' और 'मैं और मेरा देश' जैसे निबंध विद्यार्थियों में स्वयं के स्वतंत्र विचार लिखने तथा रचनात्मक लेखन शैली को बढ़ावा देते हैं।
अध्ययन के लिए स्मार्ट टिप्स:
- साथ-साथ पढ़ें भाग: पाठ्यपुस्तक में दिए गए पूरक पाठों (जैसे 'निर्मल जीत सिंह सेखों' और 'तब याद तुम्हारी आती है') को मुख्य पाठ के साथ जरूर पढ़ें, इससे वैचारिक दृष्टिकोण मजबूत होता है।
- कठिन शब्द और व्याकरण: प्रत्येक पाठ के अंत में दिए गए कठिन शब्दार्थ और व्याकरण खंड पर विशेष बल दें, क्योंकि यह बोर्ड परीक्षा (कक्षा 10) का मजबूत आधार तैयार करता है।
- पात्रों का चरित्र चित्रण: 'दो बैलों की कथा' और 'रीढ़ की हड्डी' जैसे प्रसिद्ध पाठों से चरित्र-चित्रण आधारित प्रश्न अक्सर पूछे जाते हैं, इन्हें लिखकर अभ्यास करें।
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