NCERT कक्षा 12 स्वतंत्र भारत में राजनीति बुक PDF (Hindi Medium)
यह पाठ्यपुस्तक सन् 1947 के बाद भारत की लोकतांत्रिक यात्रा, राजनीतिक दलों के इतिहास, नीतिगत विकास और समकालीन ढांचागत बदलावों को समझने का सबसे प्रामाणिक स्रोत है। यह सीबीएसई बोर्ड परीक्षाओं, CUET और UPSC सिविल सेवा परीक्षा (भारतीय राजव्यवस्था एवं शासन खंड) के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
अध्याय-वार राजनीति विज्ञान (भाग - 2) PDF डाउनलोड
| अध्याय संख्या | अध्याय का नाम और डाउनलोड लिंक |
|---|---|
| अध्याय 1 | राष्ट्र-निर्माण की चुनौतियाँ |
| अध्याय 2 | एक दल के प्रभुत्व का दौर |
| अध्याय 3 | नियोजित विकास की राजनीति |
| अध्याय 4 | भारत के विदेश संबंध |
| अध्याय 5 | कांग्रेस प्रणाली : चुनौतियाँ और पुर्नस्थापना |
| अध्याय 6 | लोकतांत्रिक व्यवस्था का संकट |
| अध्याय 7 | क्षेत्रीय आकांक्षाएँ |
| अध्याय 8 | भारतीय राजनीति : नए बदलाव |
भारतीय राजनीति पाठ्यक्रम का रणनीतिक एवं वैचारिक महत्व
यह पाठ्यपुस्तक केवल ऐतिहासिक घटनाओं की सूची नहीं है, बल्कि स्वतंत्र भारत के बाद लोकतांत्रिक संस्थाओं के विकास और देश के राजनीतिक अंतर्विरोधों का एक प्रामाणिक समाजशास्त्रीय व राजनीतिक विश्लेषण प्रस्तुत करती है।
मुख्य वैचारिक एवं कालानुक्रमिक विभाजन:
- लोकतांत्रिक सुदृढ़ीकरण एवं नियोजन (अध्याय 1-3): यह खंड आजादी के तुरंत बाद राष्ट्र-निर्माण की तीन मुख्य चुनौतियों (विभाजन की त्रासदी, रियासतों का विलय और भाषाई आधार पर राज्यों का पुनर्गठन), शुरुआती आम चुनावों में कांग्रेस के एकछत्र प्रभुत्व के कारणों, और बॉम्बे प्लान व पंचवर्षीय योजनाओं के नियोजित आर्थिक मॉडल का विश्लेषण करता है।
- बाहरी संबंध एवं आंतरिक संकट (अध्याय 4-6): यहाँ भारत की गुटनिरपेक्षता (NAM) की नीति, चीन व पाकिस्तान के साथ सैन्य संबंधों, नेहरू के बाद कांग्रेस प्रणाली के आंतरिक बिखराव और इंदिरा गांधी द्वारा उसकी पुर्नस्थापना की कूटनीति को रेखांकित किया गया है। अध्याय 6 पूरी तरह से 1975 के आपातकाल के संवैधानिक संकट और लोकतांत्रिक पाठों पर केंद्रित है।
- उपनैशनलिज्म एवं गठबंधन का दौर (अध्याय 7-8): यह खंड पंजाब संकट, पूर्वोत्तर के स्वायत्तता आंदोलनों और कश्मीर विमर्श जैसी क्षेत्रीय आकांक्षाओं का विश्लेषण करने के साथ-साथ मंडल आयोग की सिफारिशों, आर्थिक उदारीकरण (1991) और गठबंधन सरकारों के नए राजनीतिक समीकरणों को स्पष्ट करता है।
सत्र 2026-27 के लिए विशेष अध्ययन रणनीति:
- सटीक राजनीतिक शब्दावली का प्रयोग: उत्तर लेखन में सामान्य ऐतिहासिक विवरणों के स्थान पर मानक राजनीतिक शब्दों (जैसे—गुटनिरपेक्षता, कूटनीतिक स्वायत्तता, दलीय गठबंधन, जन-उभार, अल्पमत सरकार) का स्पष्ट प्रयोग करें।
- अभिलेखीय कार्टूनों और टाइमलाइनों का विश्लेषण: परीक्षा में उच्च अंक प्राप्त करने के लिए अध्यायों के बीच दिए गए प्रसिद्ध राजनीतिक व्यंग्यचित्रों (Cartoons) और चुनाव डेटा तालिकाओं का गहन अध्ययन करें, क्योंकि बोर्ड परीक्षाओं में केस-आधारित प्रश्न अक्सर यहीं से उठाए जाते हैं।
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