NCERT कक्षा 12 भारतीय इतिहास के कुछ विषय भाग - 1 बुक PDF
यह भाग पूरी तरह से प्राचीन भारतीय इतिहास पर केंद्रित है। इसके अंतर्गत हड़प्पा सभ्यता के पुरातात्विक साक्ष्यों, आरंभिक राज्यों (महाजनपद काल) की अर्थव्यवस्था, मौर्य काल और प्रारंभिक समाजों के सामाजिक ताने-बाने का प्रामाणिक विवरण प्रस्तुत किया गया है।
| विषय संख्या | अध्याय-वार भारतीय इतिहास भाग - 1 PDF डाउनलोड |
|---|---|
| विषय 1 | ईंटें, मनके तथा अस्थियाँ - हड़प्पा सभ्यता |
| विषय 2 | राजा, किसान और नगर - आरंभिक राज्य और अर्थव्यवस्थाएँ (लगभग 600 ई. पू. से 600 ईस्वी) |
| विषय 3 | बंधुत्व, जाति तथा वर्ग - आरंभिक समाज (लगभग 600 ई. पू. से 600 ईस्वी) |
| विषय 4 | विचारक, विश्वास और इमारतें - सांस्कृतिक विकास (लगभग 600 ई. पू. से 600 ईस्वी) |
NCERT कक्षा 12 भारतीय इतिहास के कुछ विषय भाग - 2 बुक PDF
भाग 2 मुख्य रूप से मध्यकालीन भारतीय इतिहास (8वीं से 18वीं शताब्दी) को कवर करता है। यह विदेशी यात्रियों के नजरिए से भारतीय समाज के विश्लेषण, भक्ति-सूफ़ी परंपराओं के सांस्कृतिक बदलावों, विजयनगर साम्राज्य और मुगलकालीन कृषि समाज को रेखांकित करता है।
NCERT कक्षा 12 भारतीय इतिहास के कुछ विषय भाग - 3 बुक PDF
भाग 3 आधुनिक भारत के इतिहास का सघन विश्लेषण प्रस्तुत करता है। इसमें औपनिवेशिक अभिलेखागारों, 1857 के स्वतंत्रता संग्राम, महात्मा गांधी के नेतृत्व में राष्ट्रीय आंदोलनों और भारतीय संविधान के निर्माण की ऐतिहासिक प्रक्रियाओं को शामिल किया गया है।
| विषय संख्या | अध्याय-वार भारतीय इतिहास भाग - 3 PDF डाउनलोड |
|---|---|
| विषय 9 | औपनिवेशिकवाद और देहात - सरकारी अभिलेखों का अध्ययन |
| विषय 10 | विद्रोही और राज - 1857 का आंदोलन और उसके व्याख्यान |
| विषय 11 | महात्मा गांधी और राष्ट्रीय आंदोलन - सविनय अवज्ञा और उससे आगे |
| विषय 12 | संविधान का निर्माण - एक नए युग की शुरुआत |
विषयगत इतिहास का रणनीतिक महत्व (UPSC & Board)
NCERT की कक्षा 12 इतिहास की पुस्तकें घटनाओं को केवल तारीखों के क्रम में रटने के बजाय "थीम (विषय)" आधारित दृष्टिकोण से समझाती हैं। यही कारण है कि सीबीएसई बोर्ड के अलावा **UPSC Civil Services (इतिहास वैकल्पिक एवं सामान्य अध्ययन)**, स्टेट पीसीएस और CUET परीक्षाओं के लिए इसे सबसे महत्वपूर्ण बुनियादी पाठ्यपुस्तक माना जाता है।
त्रिपक्षीय कालखंड का विश्लेषणात्मक महत्व
- भाग 1 (प्राचीन काल): यह भाग प्रारंभिक नगर नियोजन, पुरालेखशास्त्र (Inscriptions) और सामाजिक वर्गीकरण को समझने के लिए अनिवार्य है। प्रारंभिक बौद्ध और जैन धर्म से जुड़े सांस्कृतिक इमारत विमर्श परीक्षा के लिए मुख्य केंद्र हैं।
- भाग 2 (मध्य काल): यह विदेशी यात्रियों (जैसे इब्न बतूता, अल-बिरूनी) के यात्रा वृत्तांतों और सूफी-संतों के भक्ति आंदोलनों के जरिए तत्कालीन सामाजिक सह-अस्तित्व को समझने में मदद करता है। इसके अलावा विजयनगर की स्थापत्य कला और मुगलों के कृषि अभिलेख (आईन-ए-अकबरी) मुख्य विषय हैं।
- भाग 3 (आधुनिक काल): यह भारत में ब्रिटिश सत्ता की नीतियों, किसान आंदोलनों, 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के विभिन्न प्रतीकों और गांधीवादी जन आंदोलनों का विस्तृत खाका खींचता है। अंतिम अध्याय संविधान सभा के भीतर की बहसों और राष्ट्रीय प्राथमिकताओं को स्पष्ट करता है।
सत्र 2026-27 के लिए अध्ययन रणनीति
- स्रोत बक्सों (Source Boxes) का गहन पठन: अध्यायों के बीच में दिए गए उद्धरणों या ऐतिहासिक स्रोतों के बक्सों को कभी न छोड़ें। बोर्ड परीक्षा के केस-स्टडी आधारित प्रश्न और UPSC के मुख्य परीक्षा के विश्लेषणात्मक प्रश्न सीधे इन्हीं स्रोतों से तैयार किए जाते हैं।
- मानचित्र कार्य (Map Exercises): हड़प्पा कालीन स्थलों, अशोक के अभिलेखों के केंद्रों और राष्ट्रीय आंदोलनों के मुख्य केंद्रों (जैसे चौरी-चौरा, दांडी) का भारत के नक्शे पर नियमित अभ्यास करें।
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