कक्षा 10वीं हिंदी की पूरक पाठ्यपुस्तक 'कृतिका भाग-2' छात्रों के भीतर संवेदनशीलता, मानवीय मूल्यों और समाज की गहरी समझ विकसित करने का काम करती है। इसमें शामिल कहानियाँ और यात्रा-वृत्तांत पाठकों को सीधे तौर पर भावनात्मक रूप से जोड़ते हैं। बोर्ड परीक्षा के नवीनतम पैटर्न के अनुसार, इस पुस्तक से भी बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQ) पूछे जाते हैं।
चाहे वह शिवपूजन सहाय द्वारा रचित बालपन के अनूठे संस्मरण 'माता का अँचल' हों, मधु कांकरिया का रोमांचक यात्रा-वृत्तांत 'साना-साना हाथ जोड़ि...', या अज्ञेय का वैचारिक निबंध 'मैं क्यों लिखता हूँ?', प्रत्येक अध्याय से सूक्ष्म और महत्वपूर्ण वस्तुनिष्ठ प्रश्न बन सकते हैं।
कृतिका अध्यायों के MCQ अभ्यास का महत्व
पूरक पाठ्यपुस्तक के अध्यायों से अक्सर घटनाओं के क्रम, लेखकों के उद्देश्य और पात्रों के अंतर्द्वंद्व से जुड़े प्रश्न आते हैं। नियमित रूप से चैप्टर-वाइज बहुविकल्पीय प्रश्नों का अभ्यास करने से आप परीक्षा में इन अध्यायों से आने वाले प्रश्नों को आसानी से हल कर सकते हैं.
कक्षा 10 कृतिका-2 संपूर्ण अध्याय MCQ बैंक
नीचे दिए गए अध्यायों में से अपनी आवश्यकतानुसार किसी भी चैप्टर पर क्लिक करके उसके अभ्यास सेट तक पहुँचें।
कृतिका भाग-2 मुख्य अध्याय (Chapters)
अध्याय 1: माता का अँचल – शिवपूजन सहाय
अध्याय 2: साना-साना हाथ जोड़ि... – मधु कांकरिया
अध्याय 3: मैं क्यों लिखता हूँ? – अज्ञेय
लेखक-परिचय (Author Introductions)
बोर्ड परीक्षा के लिए विशेष टिप्स
पूरक पाठ्यपुस्तक 'कृतिका' के प्रश्नों को हल करते समय कहानी के केंद्रीय भाव, पात्रों के नाम (जैसे बालपन के प्रसंग में भोलानाथ का असली नाम तारकेश्वरनाथ) और लेखकों के जीवन-परिचय से जुड़े तथ्यों को ध्यान में रखें। कई बार सीधे प्रश्न रचनाकारों के जन्म या उनकी अन्य प्रसिद्ध रचनाओं से भी पूछे जाते हैं।
नियमित रूप से बहुविकल्पीय प्रश्नों का अभ्यास करके आप परीक्षा में शत-प्रतिशत अंक सुनिश्चित कर सकते हैं। आपकी बोर्ड परीक्षा की तैयारी के लिए ढेरों शुभकामनाएँ!
