NCERT Class 10 Kshitij-2 (Hindi - A) Book 2026-27

0
Kshitij-2 Hindi Book Class 10
शैक्षणिक सत्र 2026 - 2027

NCERT कक्षा 10 क्षितिज भाग-2 PDF

क्षितिज भाग-2 (Kshitij-2) कक्षा 10 (Hindi Course A) के छात्रों के लिए प्रमुख साहित्य पाठ्यपुस्तक है। सत्र 2026-27 के लिए अपडेटेड यह पुस्तक विद्यार्थियों को उत्कृष्ट कविताएँ, कहानियाँ और निबंधों के माध्यम से हिंदी भाषा और संस्कृति की गहरी समझ प्रदान करती है। बोर्ड परीक्षा में बेहतर अंक प्राप्त करने के लिए इस पुस्तक का गहन अध्ययन अनिवार्य है।

अध्याय-वार PDF डाउनलोड (Kshitij-2)

अध्याय अध्याय का नाम और लिंक
अध्याय 1सूरदास – पद
अध्याय 2तुलसीदास – राम-लक्ष्मण-परशुराम संवाद
अध्याय 3जयशंकर प्रसाद – आत्मकथ्य
अध्याय 4सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला' – उत्साह / अट नहीं रही है
अध्याय 5नागार्जुन – यह दंतुरित मुसकान / फसल
अध्याय 6मंगलेश डबराल – संगतकार
अध्याय 7स्वयं प्रकाश – नेताजी का चश्मा
अध्याय 8रामवृक्ष बेनीपुरी – बालगोबिन भगत
अध्याय 9यशपाल – लखनवी अंदाज़
अध्याय 10मन्नू भंडारी – एक कहानी यह भी
अध्याय 11यतींद्र मिश्र – नौबतखाने में इबादत
अध्याय 12भदंत आनंद कौसल्यायन – संस्कृति
पूरी पुस्तक डाउनलोड करें (Full ZIP File)

बोर्ड परीक्षा के लिए क्षितिज-2 क्यों महत्वपूर्ण है?

हिंदी 'अ' (Course A) के प्रश्न पत्र में साहित्य खंड का एक बड़ा हिस्सा इसी पाठ्यपुस्तक से आता है। सफल तैयारी के लिए निम्नलिखित बिंदुओं पर ध्यान दें:

काव्य खंड की व्याख्या

सूरदास और तुलसीदास के पदों का भावार्थ और काव्य-सौंदर्य समझना अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि यहाँ से व्याख्या आधारित प्रश्न पूछे जाते हैं।

चरित्र चित्रण

गद्य खंड के पात्रों जैसे 'बालगोबिन भगत' या 'नेताजी का चश्मा' के चश्मे वाले का चरित्र चित्रण परीक्षा की दृष्टि से बहुत उपयोगी है।

भाषा कौशल

यह पुस्तक न केवल साहित्य सिखाती है बल्कि आपके शब्द भंडार और लेखन शैली (Writing Style) में भी सुधार करती है।

अध्ययन के लिए कुछ विशेष टिप्स:

  • लेखक एवं कवि परिचय: हर अध्याय के शुरू में दिए गए लेखक/कवि परिचय को जरूर पढ़ें, यहाँ से वस्तुनिष्ठ (MCQ) प्रश्न बन सकते हैं।
  • कठिन शब्द: पाठ के बीच में आने वाले कठिन शब्दों के अर्थ नोट करें ताकि उत्तर लिखते समय आप प्रभावी भाषा का उपयोग कर सकें।
  • मुख्य संदेश: हर कहानी या कविता के पीछे छिपे मुख्य संदेश (Central Idea) को समझें।

Post a Comment

0 Comments

Post a Comment (0)